Friday, May 3, 2024

O THE EGO,FOOL OF THE FOOLS.

O THE EGO, FOOL OF THE FOOLS.
YOU WILL NEVER BE ABLE TO HOLD OR JAIL AIR/WIND BUT IT WILL ONE DAY BRING END TO YOU IN THE SHAPE OF STORMS, HEAVY FLOODS,CYCLONES, TORNADOES,EARTH QUAKES AND OTHER NATURAL CALAMITIES.YOU ARE SIMPLY LIVING AT THE MERCY OF ONLY THE AIR/ WIND,THE NATURE.YOU CAN NOT LIVE WITHOUT THE AIR/WIND IN ANY WAY.
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OUR VOICE AND OUR OWN RESPIRATION.

 OUR VOICE AND OUR OWN RESPIRATION.

OUR OWN VOICE,OWN RESPIRATION TO WICH WE ARE NAMING AS OUR GOD,ESUWAHAIR, BHAGWAN OR WAHEGURU,SEARCHING IN TEMPLES,MOSQUES,GURUDAWARAS AND CHURCHES IS NO WHERE BUT WITHIN US AND AROUND US ONLY, NEVER STILL BUT OSCILLATING AND VIBRATING WITHIN US TILL OUR DEATH OF NO MOTION.
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Thursday, May 2, 2024

HAM SABHI KAUN HAEN ?

 हम सभी कौन हैं ? 

हम नहीं हैं  हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई,जैन और बुध,

हम सभ  हैं माटी से बने शरीरों के खाली बर्तन और कंटेनर। 

जिन को जीने के लिए, खाने पीने और हवा से भरना होता है,

और गन्दा होने से और बीमार होने से, नहाना और साफ़ सुथरा रखना होता है। 

हम हैं बुद्धों की संतान,जिन को कहते हैं इंसान,नहीं बनते कभी बेईमान।

आओ मिल कर सभी प्रेम करें,अपने जीवनों को अँधेरे से रोशन करें ,

मिटादें सभी नफरतों के बीज,और एक सूंदर और अम्न,प्रेम की दुनिया का निर्माण करें ।  

हम सभ एक ही माला के,  हवा के धागे में बंधे, मोतियों  के मनके हैं ,

एक ही पर्भू की संतान हैं और इस धरती से प्रेम करने वाले  रखवाले हैं। 

हम सभ एक माला में हवा के धागे में बंधे मोतियों  के मनके हैं ,

एक ही पर्भू की संतान हैं और इस धरती से प्रेम करने वाले  रखवाले हैं। 

हम भगवान की अमृत रस से भरे पियाले हैं,

अनंत खुशियों को मानाने वाले सनातन सम्पदा के फ़रिश्ते हैं। 

    

 

    



    


Wednesday, May 1, 2024

WHO AM I ?

 WHO AM I ?

I AM THE COMMUNE OF TINNIEST INVISIBLE QUANTUM PHYSICS PARTICLES ALWAYS DISINTEGRATING IN THE DARK SPACE AND BEING REPLENISHED THROUGH MY FOOD,WATER,AIR,LIGHT AND HEAT. I AM THE 'I' BETWEEN THE EARTH AND THE SKY.
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